Sunday, July 14, 2019

Tujhe Kitna Chahne Lage (Kabir Singh)

दिल का दरिया बेह हो गया
इश्क इबादत बैन हाय गया
खुड को मुजे तु सोनप दे
मेरि जरारत तू बन गया

बाट दिल की नज़रों ने न की
सच के रह तेरी कसम
तेरे बिन अब ना लागे इक भी बांध
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम

तेरे बिन अब ना लागे इक भी बांध
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम
तेरे साथ हो जायेंगे खतम
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम

बाट दिल की नज़रों ने न की
सच के रह तेरी कसम
तेरे बिन अब ना लागे इक भी बांध
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम

तेरे साथ हो जायेंगे खतम
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम

इज़ जग आ गइइ छथिन अब मेरि
छेने लोंगा तुम साड़ी दुनीया से ही
तेरे इश्क पे है हक मेरा है तो है ही
केह दीया है तू मेरा रब से भी

जस रास तउ ना मिले
हमसे पे ना हो करम

तेरे बिन अब ना लागे इक भी बांध
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम
तेरे साथ हो जायेंगे खतम
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम
तुझे कीन्हा चहैं लाग हम

हे ...

तुझे कीन्हा चहैं लाग हम ।।